CIP क्या है?

 (CIP) यानी Clean-In-Place, पाइपों, टैंकों, प्रोसेस उपकरणों, फ़िल्टरों और सभी संबंधित फिटिंग्स को खोले बिना उसी स्थान पर साफ़ करने की विधि है।

1950 के दशक तक बंद सिस्टमों को हाथ से खोलकर साफ़ किया जाता था। CIP के आने से फ़ूड और फ़ार्मास्युटिकल जैसे उन उद्योगों को बड़ा लाभ मिला, जिन्हें बार-बार आंतरिक सफ़ाई की आवश्यकता होती है। विशेष रूप से कार्बोनेटेड पेय, डेयरी उत्पाद, दवा और फ़ार्माकोलॉजी, कॉस्मेटिक्स और खाद्य जैसे क्षेत्रों सहित कई क्षेत्रों में CIP का उपयोग अनिवार्य हो गया है।

 

CIP प्रक्रिया के लाभ इस प्रकार हैं:

  • सामान्य धुलाई प्रक्रियाओं की तुलना में यह कहीं अधिक तेज़ है।
  • धुलाई के बाद प्राप्त स्वच्छता (हाइजीन) पुरानी प्रणाली की तुलना में कहीं अधिक होती है।
  • धुलाई प्रणाली ऑटोमेशन पर आधारित होने के कारण मानवीय त्रुटि की संभावना समाप्त हो जाती है।
  • धुलाई प्रक्रिया बहुत आसान और तेज़ होने के कारण इसे दोहराना भी बहुत आसान है।
  • यह अत्यंत विश्वसनीय है।

CIP सिस्टम में पाइपों और वाल्वों को अधिकतम सफ़ाई प्रभाव प्राप्त करने के लिए टर्बुलेंट प्रवाह में धोया जाता है। इस चरण में फ़िक्स्ड या रोटेटिंग प्रकार की स्प्रे बॉल का उपयोग किया जाता है। बड़े आकार के टैंकों को एक डायनेमिक स्प्रे जेट से धोया जाता है, जो उच्च ऊर्जा के साथ गंदगी की परतों और ढीले जमाव को काट देता है।

धुलाई के दो महत्वपूर्ण मानदंड हैं: तापमान और उपयोग किया जाने वाला केमिकल डिटर्जेंट। ये मानदंड उद्योग और कंपनी की पसंद के अनुसार बदलते रहते हैं।

 

स्रोत: GEA CIP Proses Solution